धूम्रपान (Smoking)

तेज और भागदौड़ भरी जिंदगी आजकल के लोग इतने स्टाइलिश हो गये है वो आपने लाइफ के साथ भी खिलवार कर रहे हैं और तो ओर आपने हेल्थ के साथ भी खेल रहे हैं। वो सिर्फ फैशन को देख रहे हैं और इसी फैशन मैं एक धूम्रपान (Smoking) आता हैं

लोग यह जानते है की धूम्रपान हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है लेकिन वो यह नहीं जानते की सिगरेट की एक लत उनके लाइफ के कितने पल को खत्म कर देता हैं। सिगरेट के हर कश में कई जहरीले पदार्थ होते हैं, और जब कोई धूम्रपान करता है तो उसके शरीर को इन पदार्थों से भारी नुक्सान उठाना पड़ता है।  शुरू शुरू में तो धूम्रपान करने पर व्यक्ति का अनुभव सुखद होता है, पर समय के साथ साथ तंबाकू सेवन के कारण व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से निकोटीन पर निर्भर (dependent) हो जाता है। धूम्रपान  किसी मजहब और प्रांत को नहीं पहचानता फिर चाहे महिला हो या पुरुष उसका सबके लिए एक ही मेसेज होता हैं धीरे धीरे आपके शरीर को मारना।

धूम्रपान से हमारे शरीर पर क्या क्या नुकशान होता हैं:-

धूम्रपान भी पैसे की बर्बादी है और यह धीरे-धीरे हमारे शरीर को मार देता है। धुम्रपान शरीर के लिए इतना खतरनाक होता है की यह शरीर के लगभग सभी अंगों को नुक्सान पहुंचाता है। इससे शरीर में कई प्रकार की बीमारियाँ होती हैं और स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य धीरे-धीरे ख़राब होने लगता है।

धुम्रपान  का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर पड़ता है क्योंकि सबसे पहले सिगरेट का धुआं फेफड़ों में ही घुसता है और कैंसर जैसी  बीमारियाँ  होने लगते हैं । फेफड़ों के कैंसर  होने की मुख्य वजह धूम्रपान ही  है । धूम्रपान से अस्थमा का भी खतरा होता है। धूम्रपान  आपके शरीर के रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है और ह्रदय को पूरी तरीके से कमज़ोर कर देता है। जिससे आपको हार्ट स्ट्रोक (दिल का दौरा पड़ना) होने का खतरा ज्यादा  होता हैं। धूम्रपान रक्त को मोटा बनाता है जिससे आपके दिमाग मैं रक्त की कमी आ जाती हैं और उससे आपको ब्रेन स्ट्रोक होने की  सम्भावना अधिक होती है। अध्ययनों से पता चला है कि धूम्रपान  से हमारी आँखों को काफी नुक्सान पहुंचता हैं । धूम्रपान आपको अंधेरा कर सकता है। धूम्रपान से सीधे दृष्टि हानि, मोतियाबिंद ,ग्लूकोमा, सूखी आई  सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान से टीबी भी होता है। धूम्रपान से हमारी जागरूकता व सोचने समझने की शक्ति को कम कर देती हैं। यदि कोई गर्भवती महिला धूम्रपान करती है तो या तो शिशु की मृत्यु हो जाती है या उसका बच्चा अस्वस्थ पैदा होता हैं। मुंह का कैंसर भी धूम्रपान से ही होता हैं। जो लोग धूम्रपान करते उनके पास रहने से भी हमें खतरा हैं क्यूंकि उसके धुआं हमारे फेफड़ों पर भी असर करता हैं ,ऐसे लोग से आप दूरी रहिये ।

धूम्रपान छोड़ो और अपने जीवन को सुखी बनाओ:-

जैसा की हमलोग को पता हैं की धूम्रपान हमारे लिए कितना हानिकारक है। धूम्रपान का एक ही मैसेज होता है मौत। धूम्रपान का असली चेहरा बीमारी, मौत, और डरावनी होती हैं । तो हमें इस चीज़ से जितना दूर रहे गये उतना ही हमारे स्वस्थ  के लिए अच्छा हैं। धुम्रपान आप एक दिन में तो अचानक नहीं छोड़ सकते है पर धीरे धीरे कम करके खत्म कर सकते हैं। लेकिन अगर आप आज धूम्रपान छोड़ देते हैं, तो आपको खुशी, अच्छा स्वास्थ्य और बहुमूल्य जीवन मिलेगा। स्वास्थ्य सबकुछ नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य के बिना, बाकी सबकुछ कुछ भी नहीं है। यदि आप धूम्रपान सिगरेट छोड़ना चाहते हैं, तो आपको अपने जीवन में आवश्यक परिवर्तनों पर नियंत्रण रखना होगा। यदि आप धूम्रपान छोड़ते हैं तो आप हमेशा बेहतर होते हैं।

धूम्रपान छोड़ना वास्तव में कठिन है लेकिन यह एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है इससे आप केवल अपने  लिए छोड़ नहीं रहे हैं; छोड़ने से आपके पूरे परिवार के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार हो सकता है। और आपका पूरा परिवार सुख शांति से रहे सकता हैं।

जीवन बदलने के लिए इंतजार मत करो, आप जो भी चुनते हैं उसे बनाने के लिए, आपका जीवन आपके हाथों में है। धूम्रपान छोड़ो और आपने जीवन को सुखी बनाओ।

धूम्रपान (सिगरेट) छोड़ने के उपाय:-

  • खुद पर भरोसा सबसे जरुरी है. ये यकीन रखे की आप ये छोड़ सकते है और संयम बनाये रखे.
  • धूम्रपान छोड़ने के लिए इच्‍छाशक्ति है सबसे जरूरी।
  • आत्‍म संयम रखकर आप छोड़ सकते हैं धूम्रपान
  • धूम्रपान के आदत छोड़ने के लिए पानी के उतम उपाय है. जब भी सिगरेट पीने का मन करे एक गिलास पानी पी ले. ये ना सिफत सिगरेट पीने की तलब कम करेगा उसके साथ ही उसके बाद के प्रभाव को भी रोकेगा.
  • शहद में विटामिन्‍स, एंजाइम और प्रोटीन होता है जो कि आराम से स्‍मोकिंग की आदत को छुड़वाने में मदद करेगा। हमेशा शुद्ध शहद का प्रयोग करें क्‍योंकि उसी से अच्‍छा रिजल्‍ट मिलेगा।

धूम्रपान छोड़ने में योगा कारगर है:-

अनुलोम-विलोम:-

इस विधि से आपके दिमाग को काम करने में मदद मिलती है जो कि काफी अच्छा है।  साथ ही इससे आपका दिमाग शांत रहता है और नवर्स सिस्टम ठीक रहता है।

अर्ध्य मत्सयेंद्र आसन:-

आमतौर पर लोग अपनी रीढ़ की हड्डी को आगे पीछे मोड़ लेते हैं, लेकिन शरीर मोड़ने में परेशानी होती है। यह आसन आपको रीढ़ की हड्डी की तंत्रिकाओं को मोड़ने में मदद करता है। इससे आपकी पाचन शक्ति भी ठीक होती है।

सुखआसन:-

यह योगा की सबसे आसान विधि है इसलिए इसे सुखआसन के नाम से जानते हैं।  इस विधि का इस्तेमाल हम मेडिटेशन में भी करते हैं।  इसमें आपका सिर, गर्दन एक सीध में होना चाहिए।  रीढ़ की हड्डी को इस तरह सीधा करके बैठें कि कोई लोच ना आए।  अपने दोनों पैरों को तिरछा मोड़ कर बैठें और दोनों हाथों को अपने पैरों पर रखें।  इससे आपके चयपाचय क्रिया ठीक रहती है।

कपालभाति:-

यह प्राणायाम नाड़ियो को भी साफ करता है| यह धूम्रपान करने की इच्छा के विरोध में मदद करता है।

रक्त के संचार में सुधार करता है, इससे आपका तंत्रिका तंत्र ऊर्जावान बनता है| यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को फिर से जीवंत करता है तथा यह साँस लेने वाली तकनीक करके मन को शांत करने में मददगार है|

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