गिलोय के विशेष स्वास्थ्यकारी फ़ायदेऔर नुकसान(Gilo’s Special Health Benefits and Disadvantages in hindi)

गिलोय (Giloy)

पिछले दिनों जब स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ा तो लोग आयुर्वेद की शरण में पंहुचे। इलाज के रूप में गिलोय का नाम खासा चर्चा में आया। गिलोय या गुडुची, जिसका वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया है, का आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसके खास गुणों के कारण इसे अमृत के समान समझा जाता है और इसी कारण इसे अमृता भी कहा जाता है। प्राचीन काल से ही इन पत्तियों का उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक दवाइयों में एक खास तत्व के रुप में किया जाता है।  पिछले दिनों जब स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ा तो लोग आयुर्वेद की शरण में पंहुचे। इलाज के रूप में गिलोय का नाम खासा चर्चा में आया। गिलोय या गुडुची, जिसका वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया है, का आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसके खास गुणों के कारण इसे अमृत के समान समझा जाता है और इसी कारण इसे अमृता भी कहा जाता है। प्राचीन काल से ही इन पत्तियों का उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक दवाइयों में एक खास तत्व के रुप में किया जाता है।  गिलोय एक बहुवर्षिय लता होती है| इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं| आयुर्वेद में इसके कई नाम उल्लेख है जैसे अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी| आयुर्वेद में इसे बुखार की विशेष औषधि माना गया है इसलिए इसे जीवन्तिका नाम दिया गया है| गिलोय की लता जंगलों, खेतों की मेड़ों, पहाड़ों की चट्टानों आदि स्थानों पर दिखती है| नीम, आम्र के पेड़ के आस-पास भी यह मिलती है| जिस पेड़ को यह अपना आधार बनाती है, उसके गुण भी इसमें समाहित रहते हैं| इस दृष्टि से नीम पर चढ़ी गिलोय सबसे अच्छी औषधि मानी जाती है| स्वाद में यह तीखी होती है, पर गंध कुछ विशेष नहीं होती| पहचान के लिए इसके क्वाथ में जब आयोडीन का घोल डाला जाता है तो यह गहरा नीला रंग हो जाता है| यह इसमें स्टार्च की उपस्थिति के कारण होता है| गिलोय सूजन कम करने, शुगर को नियंत्रित करने, गठिया रोग से लड़ने के अलावा शरीर शोधन के भी गुण होते हैं। गिलोय के इस्तेमाल से सांस संबंधी रोग जैसे दमा और खांसी में फायदा होता है। इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोग जैसे एग्जिमा और सोराइसिस दूर किए जा सकते हैं। इसे खून की कमी, पीलिया और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी कारगर माना जाता है।

  • गिलोय के कुछ विशेष स्वास्थ्यकारी फ़ायदे (Some special health benefits of Giloy)
  1. शरीर में खून की कमी को दूर करें
  2. पीलिया(jaundice) को ठीक करने में हैं फायदेमंद
  3. शरीर में जलन की समस्या दूर करें
  4. पेट की कई तरह के रोगों में लाभकारी
  5. आंखों के लिए फायदेमंद है गिलोय रस
  6. बुखार के लिए सबसे असरदार है गिलोय
  7. खुजली दूर भगाएं गिलोय
  8. श्वास सम्बन्धी समस्या को कम करे गिलोय

 

  • भारतीय भाषाओं में गिलोय के नाम (Giloy’s names in Indian languages)
  • हिंदी – गिलोय, गुलांचा
  • संस्कृत – अमृता, गुडुची, अमृतवल्ली, अमृतवल्लरी,
  • पंजाबी – बटिंडू, गरहम, गरूम
  • मराठी – गिलोय
  • बंगाली – गुलांचा
  • गुजरती – गिलया
  • कन्नड़ – गिलोय
  • तेलुगु – टिप्पा टीगा
  • गिलोय के नुकसान (Damage to Giloy)

यदि आप मधुमेह की दवाई ले रहे हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के इस जड़ी बूटी का सेवन नहीं करना चाहिए। गिलोय कब्ज और कम रक्त शर्करा की समस्या भी पैदा कर सकता है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके इस्तेमाल के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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