डायरिया क्या है और इसके प्रभाव (What is diarrhea and its effects)

दोस्तों आज हम आपको जो जानकारी दे रहे हैं, वो डायरिया नाम की बीमारी का है । यह बीमारी बहुत ही जाना पहचाना रोग हैं क्यूंकि यह बीमारी हर घर में किसी न किसी को जरूर कभी न कभी हुआ होता हैं ।

डायरिया क्या है:-

सामान्य रूप से पतले बिना मरोड़ के मल का बार-बार आना अतिसार को डायरिया रोग कहते है। इसको दस्त रोग भी कहते हैं । दस्त, ढीले, जलीय, मुलायम मल के लगातार उत्सर्जन को ही डायरिया कहते हैं। यह एक जाना-पहचाना बच्चों, जवानों और बूढ़ों सभी को हो जाने वाला आम रोग है। यह बीमारी मुख्यतः रोटा वायरस के शरीर में प्रवेश करने से होता है।

यह आमतौर पर कुछ दिनों तक रहता है पर अगर यह दो या तीन में ठीक न हो तो तुंरत डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिये । इसका इलाज में अगर लापरवाही करने से इंसान की मौत भी हो सकती  हैं क्यूंकि यह शरीर में पानी  की कमी कर देता हैं । जब डायरिया होता हैं तो शरीर में पानी की कमी हो जाता हैं और डिहाइड्रेशन हो जाता हैं । भारत में ही डायरिया से कितने लोगो की मौत की चपेट आ चुके हैं बच्चे से लेकर बड़े-बूढ़े तक ।   यह दो प्रकार का होता है – एक्यूट और क्रोनिक डायरिया।

डायरिया कैसे होता है :-

  1. मौसम के एकाएक बदलने से डायरिया होने का खतरा होता हैं ।
  2. ज्यादा खाना, दूषित फल या फिर पानी का परिवर्तन से (पानी का शरीर पर सूट नहीं करना) डायरिया होता हैं ।
  3. गर्मियों में दूषित पानी के ज्यादा सेवन से बहुत बड़ी पेट में बहुत बड़ी मात्रा में अशुद्धियां चली जाती है जो डायरिया , उल्टी तथा अन्य बिमारियों की वजह बनती है |
  4. फ़ूड पॉइजनिंग से भी डायरिया होता हैं ।
  5. बारिश के मौसम में वायरल इंफेक्शन से सबसे ज्यादा डायरिया होता है।
  6. लू लगने से भी डायरिया होने का खतरा होता हैं ।
  7. तेज मिर्च मसाले वाला भोजन या फिर बासी भोजन के खाने से भी डायरिया हो जाता है |
  8. खाने पीने की चीजो में मिलावट से भी डायरिया होता है।
  9. कभी- कभी दवाई की एलर्जी, साइड इफेक्ट्स या रिएक्शन से भी डायरिया होता है।
  10. बैक्टीरियल तथा वायरल इंफेक्शन से भी डायरिया होता है।

डायरिया के लक्षण :-

  • पेट में दर्द होना
  • ऐंठन होना
  • मल का बार-बार आना
  • बुखार या उल्टी आना
  • जल्दी जल्दी दस्त होना
  • शरीर में बेचैनी, थकान या कमजोरी होना
  • पतला शौच आना या मल होना
  • सूजन होना
  • आँखें धंस जाना या शरीर पर ठण्ड लगना
  • पेट दबाने पर पीड़ा होना
  • जीभ सूखना
  • लूज मोशनहोना

डायरिया होने पर घरेलू उपचार या इलाज :-

  1. डायरिया से पीड़ित रोगी को तुरंत ओ०आर०एस० का घोल (ORS ghol) पिलाना चाहिए। शरीर में एलेक्ट्रोलाइट्स कि कमी को पूरा करता है।
  2. एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी, आधा कटा हुआ नीबू और चुटकी भर नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर में पिएं।
  3. भोजन के रूप में दही-चावल या खिचड़ी खाएं।
  4. छाछ, लस्सी या दही का अधिक से अधिक सेवन करें।
  5. नीबू, मौसमी, संतरे, अनार का जूस या गन्ने का रस सेवन करें।
  6. गर्म भोजन का सेवन न करे जैसे चाय, कॉफ़ी, गर्म दूध, मांस मछली , अंडा, पकोड़े इत्यादि।
  7. चावल उबलने के बाद बचा हुआ गाढ़ा सूप का सेवन करें। सादा, सफेद गीले चावल भी डायरिया के दौरान खाने की सलाह दी जाती है।
  8. डायरिया होने पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है इसलिए बेल का मुरब्बा ,साबूदाना की खीर,पका पपीता, केले, गाजर का सूप खाएं।
  9. सेब का सिरका भी डायरिया में बेहद फायदेमंद है। सेब के सिरके का एसिडिक गुण, डायरिया के बैक्टीरिया को खत्म कर देता है।
  10. डायरिया के इलाज के लिए मेथी दाना बेहद फायदेमंद बताया गया है। एक छोटी चम्मच मेथी दाना को चबाकर, एक बड़ी चम्मच दही खाने से डायरिया से निजात मिलती है।

 

 

 

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